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फंगल इन्फेक्शन कितने दिन में ठीक होता है – आयुर्वेदिक दवाइयाँ

✍ admin 📅 August 1, 2025

फंगल इन्फेक्शन क्या है?

फंगल इन्फेक्शन एक सामान्य त्वचा रोग है, जो शरीर पर फंगस (कवक) की अधिकता के कारण होता है। यह अक्सर त्वचा, नाखून, बाल और जननांगों में पाया जाता है। समय पर इलाज न करने पर यह फैल सकता है और गंभीर रूप ले सकता है।

फंगल इन्फेक्शन के आम प्रकार

  • एथलीट्स फुट – पैरों में खुजली और जलन

  • रिंगवर्म (दाद) – गोलाकार लाल दाने

  • योनि संक्रमण (Candidiasis) – महिलाओं में खुजली और जलन

  • नाखून का फंगल संक्रमण – नाखून मोटे और पीले हो जाते हैं


फंगल इन्फेक्शन के लक्षण

खुजली और जलन

संक्रमण वाले हिस्से में लगातार खुजली और जलन होना।

लाल दाने और सूजन

त्वचा पर लाल चकत्ते और सूजन दिखाई देती है।

त्वचा का छिलना और फटना

संक्रमित हिस्सा सूखकर फटने लगता है, जिससे दर्द और असुविधा होती है।


फंगल इन्फेक्शन होने के कारण

कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता

कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को यह जल्दी होता है।

गंदगी और पसीना

गर्म और आर्द्र वातावरण फंगस के बढ़ने के लिए अनुकूल होता है।

दूषित भोजन और अस्वच्छ आदतें

गंदे कपड़े, साझा तौलिए और दूषित भोजन संक्रमण का कारण बनते हैं।


फंगल इन्फेक्शन कितने दिन में ठीक होता है?

फंगल इन्फेक्शन का समय उसकी गंभीरता पर निर्भर करता है।

  • हल्का संक्रमण – 7 से 10 दिन में ठीक हो सकता है।

  • मध्यम संक्रमण – 15 से 20 दिन तक समय लग सकता है।

  • गंभीर संक्रमण – 1 से 2 महीने तक लगातार दवा लेने की आवश्यकता होती है।


फंगल इन्फेक्शन की आयुर्वेदिक दवाइयाँ

नीम की पत्तियाँ और तेल

नीम एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर है। इसकी पत्तियों का पेस्ट और तेल लगाने से संक्रमण जल्दी ठीक होता है।

हल्दी और दूध

हल्दी प्राकृतिक एंटीसेप्टिक है। हल्दी दूध के साथ सेवन करने से इम्युनिटी बढ़ती है और संक्रमण जल्दी खत्म होता है।

त्रिफला

त्रिफला शरीर को अंदर से शुद्ध करता है और त्वचा रोगों में लाभकारी है।

गंधक रसयान

यह आयुर्वेदिक दवा फंगल संक्रमण, खुजली और जलन को कम करने में प्रभावी है।

खदिरारिष्ट

यह खून को शुद्ध करता है और त्वचा संबंधी रोगों में उपयोगी है।

आरोग्यवर्धिनी वटी

यह यकृत को मजबूत करती है और त्वचा रोगों में लाभकारी है।


फंगल इन्फेक्शन के घरेलू उपाय

एलोवेरा जेल

एलोवेरा में शीतल और एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो खुजली और लालिमा कम करते हैं।

नारियल का तेल

नारियल के तेल में लॉरिक एसिड होता है, जो संक्रमण को फैलने से रोकता है।

दही और लहसुन

दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स और लहसुन में पाए जाने वाले एंटी-फंगल तत्व मिलकर संक्रमण को कम करते हैं।


फंगल इन्फेक्शन से बचाव के उपाय

  • रोज स्नान करें और शरीर को सूखा रखें

  • साफ कपड़े पहनें और उन्हें धूप में सुखाएँ

  • पसीने वाले कपड़े तुरंत बदलें

  • दूसरों के तौलिये या जूते न पहनें


आयुर्वेद बनाम एलोपैथिक उपचार

एलोपैथिक दवाएँ संक्रमण को जल्दी खत्म करती हैं, लेकिन इनके साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं।
आयुर्वेदिक दवाइयाँ प्राकृतिक होती हैं और लंबे समय तक फायदा देती हैं, साथ ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाती हैं।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. फंगल इन्फेक्शन पूरी तरह से ठीक होने में कितना समय लगता है?
👉 हल्के संक्रमण में 7-10 दिन और गंभीर संक्रमण में 1-2 महीने तक समय लग सकता है।

Q2. क्या आयुर्वेदिक दवाइयाँ फंगल इन्फेक्शन को पूरी तरह ठीक कर सकती हैं?
👉 हाँ, नियमित सेवन और उपयोग से संक्रमण जड़ से खत्म किया जा सकता है।

Q3. फंगल इन्फेक्शन में कौन सा तेल सबसे अच्छा है?
👉 नीम का तेल और नारियल का तेल सबसे प्रभावी हैं।

Q4. क्या फंगल इन्फेक्शन संक्रामक है?
👉 हाँ, यह कपड़े, तौलिये और सीधा संपर्क से फैल सकता है।

Q5. फंगल इन्फेक्शन में कौन सा भोजन लेना चाहिए?
👉 हरी सब्जियाँ, दही, हल्दी और त्रिफला का सेवन लाभकारी है।

Q6. क्या फंगल इन्फेक्शन दोबारा हो सकता है?
👉 हाँ, यदि स्वच्छता का ध्यान न रखा जाए तो यह फिर से हो सकता है।


निष्कर्ष: फंगल इन्फेक्शन का स्थायी समाधान आयुर्वेद में

फंगल इन्फेक्शन एक सामान्य लेकिन परेशान करने वाली समस्या है। यह कितने दिन में ठीक होगा, यह संक्रमण की गंभीरता और आपकी जीवनशैली पर निर्भर करता है।
आयुर्वेदिक दवाइयाँ जैसे नीम, त्रिफला, गंधक रसयान और खदिरारिष्ट इस रोग को जड़ से मिटाने में मदद करती हैं।
स्वच्छता, सही आहार और नियमित उपचार से आप इस संक्रमण से पूरी तरह छुटकारा पा सकते हैं।

👉 प्राकृतिक उपाय अपनाएँ और स्वस्थ जीवन जिएँ।